नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में जानेंगे कि क्या है मैग्नाकार्टा ? what is magna charta ? जो कि इंग्लैंड से लेकर भारत में भी इसकी आवश्यकता पड़ी।
मैग्नाकार्टा को लेक्रर आप सभी के मन के कई सवाल उठ रहे होंगे जैसे कि :-
- क्या है मैग्नाकार्टा ?
1. मैग्नाकार्टा क्या है ?
मैग्नाकार्टा जो कि स्वतंत्रता के एक महान चार्टर के नाम से जाना जाता है मैग्नाकार्टा एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो कि 15 जून 1215 को राजा जॉन के शासन में राजा के क्लर्कों द्वारा लिखा गया था जिसका उद्देश्य राजनितिक समस्या का राजनितिक समाधान। इस चार्टर द्वारा मध्ययुगीन अधिकारों और रीति रिवाजों को निर्धारित किया , पहली बार सभी स्वतंत्र लोगो को न्याय और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार दिया गया।
2. मैग्नाकार्टा को लिखे जाने का कारण ?
इंग्लैंड के क्रूर शासक जॉन के क्रूर शासन पर रोकथाम लगाना और राजा को कानून के दायरे में लाना था। यह शासक इतना क्रूर था कि अपनी पत्नी को कैद करने और अपने विरोधियों को भूख से मरने के लिए प्रसिद्ध था।
सन 1215 में इंग्लैंड के राजा जॉन ने अपने विदेशी युद्धों के भुगतन के लिए अपने बैरनों जो कि भूमि के मालिक कुलीन व्यक्ति इन पर भारी कर लगाने का फैसला किया। जब बैरन इस कर का भुगतान न कर पाते तो उन्हें क्रूर सजा दी जाती थी या उनकी संपत्ति को जब्त कर लिया जाता था , बैरनों ने राजा को कानून का पालन करने को कहा राजा ने इंकार किया और विद्रोह हुआ इन सभी अत्याचारों को सहने वालों बैरनो ने लन्दन पर कब्ज़ा कर जॉन को रननिमीड में समझौते के लिए मजबूर कर दिया।
3. मैग्नाकार्टा की मुख्य बातें जो कि है :-
- मैग्नाकार्टा जो कि ब्रिटिशकाल का एक महान दसितावेज है जिसे लैटिन भाषा में महान चार्टर के नाम से जाना जाता है।
- 1215 में इंग्लैंडः के शासक जॉन के द्वारा मैग्नाकार्टा पर हस्ताक्षर किये गए।
- मैग्नाकार्टा दस्तावेज द्वारा कानून के शासन को स्थापित किया गया और राजा की असीमित शक्तियों को सिमित किया गया।
- मैग्नाकार्टा में राजा और बाकि सभी प्रजा के द्वारा पालन किये जाने वाले कानून को तय किया गया ताकि कानून की समता बनी रही।
- मैग्नाकार्टा दस्तावेज ने सरकारी शक्तियों को समिति किया, न्याय तक पहुंच प्रदान करने में सहायक हुआ, कानून का सम्मान और मानवाधिकार की सुरक्षा की परम्परा को शुरू कर मौलिक अधिकारों की रक्षा की।
4. मैग्नाकार्टा में अधिकारों की रक्षा की गयी है वो है :-
मैग्नाकार्टा की धारा 39 उचित प्रक्रिया के अधिकार का उल्लेख करती है जो कि जब तक कि उसके साथियों के कानूनी फैसले या देश के कानून द्वारा ऐसा न किया जाये तब तक :-
- किसी भी स्वतंत्र व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जायेगा।
- किसी भी स्वतंत्र व्यक्ति को कैद नहीं किया जायेगा।
- किसी भी स्वतंत्र व्यक्ति को संपत्ति को जब्त नहीं किया जायेगा।
- किसी स्वतंत्र व्यक्ति की सम्पति को गैर कानूनी घोषित नहीं किया जायेगा।
- किसी स्वतंत्र व्यक्ति की संपत्ति को निर्वासित नहीं किया जायेगा।
- किसी भी स्वतंत्र व्यक्ति की संपत्ति को किसी भी तरह से नष्ट नहीं किया जायेगा।
- न ही हम उसके खिलाफ जायेंगे या उसके खिलाफ कुछ भेजंगे।
भारत का मैग्नाकार्टा क्या है ?
भारत देश का मैग्नाकार्टा संविधान के भाग 3 अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35 तक है , जिसमे मौलिक अधिकारों की एक व्यापक सूचि है , यह मौलिक अधिकार सभी को बिना किसी भेदभाव के प्राप्त है। संविधान द्वारा 6 मौलिक अधिकारों को प्रदान किया गया है जो कि है :-
- समता का अधिकार।
- स्वतंत्रता का अधिकार।
- शोषण के विरुद्ध अधिकार।
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार।
- संस्कृति एवं शिक्षा सम्बन्धी अधिकार।
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार।
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